नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने नई इनकम टैक्स एक्ट को 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। चेयरमैन रवि अग्रवाल ने अधिकारियों को पत्र लिखकर साफ निर्देश दिए हैं कि ट्रेनिंग, नए नियम और फॉर्म्स को तुरंत तैयार किया जाए। पुराने 1961 के कानून को रिप्लेस करने वाला यह नया एक्ट टैक्सपेयर्स के लिए सरलीकरण लाएगा।

सरलीकरण से बदलाव: सेक्शन 819 से घटकर 536

नए एक्ट में कुल सेक्शन 819 से घटकर 536 रह गए हैं, जबकि चैप्टर्स 47 से 23 हो गए। वर्ड काउंट भी आधा रह गया है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि कोई नया टैक्स रेट नहीं लगाया जा रहा, सिर्फ भाषा और प्रावधान सरल हो रहे हैं। ‘असेसमेंट ईयर’ और ‘प्रिवियस ईयर’ के जटिल कॉन्सेप्ट की जगह अब यूनिफाइड ‘टैक्स ईयर’ आएगा।

फोकस बदलाव: एनफोर्समेंट से सर्विस की ओर

CBDT अब कलेक्शन से ज्यादा ‘फेसिलिटेशन’ पर जोर देगा। चेयरमैन अग्रवाल ने कहा, “विभाग का रोल अब ट्रस्ट, सर्विस और टेक्नोलॉजी पर केंद्रित होगा।” NUDGE फ्रेमवर्क से डेटा एनालिटिक्स के जरिए वॉलंटरी कंप्लायंस को बढ़ावा मिलेगा। हाल के कैंपेन में 24,000+ टैक्सपेयर्स ने विदेशी एसेट्स का डिसक्लोजर किया।

टैक्सपेयर्स के लिए क्या बदलेगा?

नए ITR फॉर्म, TDS रूल्स और प्रोसीजर दिसंबर तक नोटिफाई होंगे। CBDT FAQ, ट्रेनिंग और आउटरीच प्रोग्राम चला रहा है। छोटे टैक्सपेयर्स को फायदा मिलेगा, लेकिन ट्रांजिशन पीरियड में अपडेट रहना जरूरी।

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